📝 परिभाषा और लिखित आवश्यकता
"प्रशिक्षण अनुबंध वह है जिसके तहत नियोक्ता किसी व्यक्ति को किसी विशिष्ट पेशे के लिए तैयार करने हेतु योग्य बनाने या प्रशिक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध होता है।" यह "लिखित होना चाहिए, जिसमें वह पेशा निर्दिष्ट हो जिसके लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है, प्रशिक्षण की अवधि और उसके क्रमिक चरण, और प्रत्येक चरण में प्रशिक्षु को दिया जाने वाला पुरस्कार — जिसे किसी भी स्थिति में पीस-रेट या उत्पादन के आधार पर निर्धारित नहीं किया जा सकता।"
प्रशिक्षु के रूप में आपका पुरस्कार उत्पादन की मात्रा या पीस-रेट से नहीं जोड़ा जा सकता — यह प्रत्येक प्रशिक्षण चरण के लिए एक निश्चित राशि होनी चाहिए।
🚪 प्रशिक्षण के दौरान अनुबंध समाप्त करना
"नियोक्ता प्रशिक्षण अनुबंध समाप्त कर सकता है यदि उसे प्रशिक्षु की प्रशिक्षण कार्यक्रम को लाभप्रद रूप से पूरा करने में अक्षमता महसूस हो, और प्रशिक्षु या उसके अभिभावक को भी यही अधिकार है। अनुबंध समाप्त करने के इच्छुक पक्ष को दूसरे पक्ष को कम से कम एक सप्ताह पहले सूचित करना होगा।"
⏳ प्रशिक्षण के बाद काम का दायित्व
"नियोक्ता प्रशिक्षण अवधि समाप्त होने के बाद प्रशिक्षु को अपने यहाँ काम करने के लिए बाध्य कर सकता है, उस अवधि के लिए जो उस अवधि के दोगुने या एक वर्ष, जो भी अधिक हो, से अधिक न हो।"
यदि आपने 4 महीने प्रशिक्षण लिया, तो नियोक्ता आपको बाद में एक पूरे वर्ष तक अपने यहाँ काम करने के लिए बाध्य कर सकता है (क्योंकि एक वर्ष 4 महीनों के दोगुने यानी 8 महीनों से अधिक है) — लेकिन यह स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए, स्वचालित रूप से नहीं मान लिया जाना चाहिए।
🛡️ प्रशिक्षण के दौरान आपकी सुरक्षा
"इस कानून के वे प्रावधान जो वार्षिक अवकाश, आधिकारिक छुट्टियों, अधिकतम कार्य घंटों, दैनिक और साप्ताहिक विश्राम अवधियों, व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य नियमों, और कार्य चोटों व उनकी शर्तों से संबंधित हैं, प्रशिक्षण अनुबंध पर लागू होते हैं।"
- श्रम कानून — अनुच्छेद 45: प्रशिक्षण अनुबंध की परिभाषा
- श्रम कानून — अनुच्छेद 46: अनिवार्य लिखित शर्तें
- श्रम कानून — अनुच्छेद 48: समाप्ति और प्रशिक्षण के बाद काम का दायित्व
- श्रम कानून — अनुच्छेद 49: प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा